Friday, February 13, 2015

love यू बमीठा

गौरव एक बहुत ही संवेदन शील बच्चा था. वो हमेशा लोगों को अजीब अजीब से ऐसे नामों से पुकारता था जो की कभी पहले नहीं सुने होते थे।ऐसा प्रतीत होता था की किसी अन्य ग्रह की भाषा बोलता हो। इसी प्रकार वो अन्य जीव जंतुओं के भी नाम रख लिए थे। हमारे महल नुमा घर में बहुत सी तरह तरह की चिड़ियाँ भी आती रहती थी जिनमे से एक प्रकार की चिड़िया का नाम उसने 'बमीठा ' रख दिया था। एक बार खेलते खेलते उसने एक पेड़ पर बैठी हुई बमीठा चिड़िया को निशाना बना कर एक पत्थर फेका जो सीधे उसे लगा और चिड़िया सीधे जमीन पर गिर गयी,अब तो गौरव की हालत देखने योग्य थी। उसने पत्थर इस उद्देश्य से नहीं मारा था कि चिड़िया घायल हो जाय अथवा मर जाय ,मात्र बालसुलभ कौतुहल वश की गयी शैतानी मात्र थी परन्तु यही शैतानी बहुत भारी पढ़ गयी। उसने चिड़िया को उठाया ,मुह में रुई के फाहे से पानी डाला , फूक मारी परन्तु चिड़िया की आत्मा तो मुक्त हो चुकी थी। वो बेचारा आँखों में आंसू भरे हुए ,अपराध बोध से ग्रस्त , निस्तब्ध हो कर बैठ गया। उसकी बहनों ने उसे बहुत समझाने की चेष्टा की परन्तु वोह इस अपराध बोध बाहर नहीं आ पाया। उस चिड़िया को एक गड्ढे में गाड़ कर अंतिम संस्कार किया। इस घटना के बाद गौरव सभी जीव जंतुओं की सुरक्षा के प्रति और अधिक संवेदन शील हो गया था और मन ही मन संकल्प लिया की अब कभी भी किसी प्राणी को नहीं सताएगा।इन मूक प्राणियों हेतु लोगों को सचेत करने हेतु उसके मन में मंथन भी चल रहा था। 
अब गौरव बड़ा हो गया था परन्तु बचपन की वह घटना उसको अब भी कचोटती रहती थी। अब वह इंग्लैंड के एक नामचीन कॉलेज में MBA कर रहा था , अचानक एक दिन अपने एक सहपाठी को DSLR कैमरे से चिड़ियों की फोटो खींचते देखकर तुरंत उसके मस्तिष्क में बल्ब जला और तुरंत उसने भी एक कैमरा खरीदा और उस कैमरे के सारे फंक्शन्स के बारे में कुशलता प्राप्त की। अब उसका एक ही ध्येय हो गया था और लोगों को इन निरीह जीव जंतुओं को गन से शूट करने जगह कैमरे से शूट करने की सलाह देता था। अब उसका birding फोटोग्राफी में अंतराष्ट्रीय स्तर पर काफी नाम हो गया था.अब उसके birding फ़ोटोज़ की एक प्रदर्शनी भी लगने वाली है इस प्रदर्शनी को उसने नाम दिया "love यू बमीठा "

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