अप्रत्याशित
गांधी भवन में बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता
थी एवं घर के तीनो बच्चे इसमें अपना हाथ आजमाना चाहते थे। रॉबिन बहुत असमंजस में
था कि तीनो बच्चों को वो अपने स्कूटर पर कैसे बिठा कर ले जाएगा। उसकी बड़ी बेटी की
पेंटिंग एवं ड्राइंग बहुत अच्छी थी और उसे इस प्रतियोगिता में कुछ न कुछ पुरुस्कार
जीतने का विश्वास भी था। बेटे की पेंटिंग
एवं ड्राइंग भी ठीक ठाक ही थी। छोटी बेटी भी ज़िद कर रही थी कि वो भी इस
प्रतियोगितामें अवश्य भाग लेगी। पांच साल की इस बच्ची को न तो बड़े भाई बहन ले जाने मूड में थे और न
ही रॉबिन। सबका कहना था कि ये वहां पर क्या करेगी? इसे न तो
ड्राइंग आती है और न ही इसके लिए स्कूटर
में जगह। कुछ छोटी बेटी की जिद ,कुछ माँ की सिफारिश ने रोबिन को ऐसा को
मजबूर कर दिया कि उसे भी साथ में ले जाना पड़ा। पूरे रास्ते डर डर के स्कूटर चला
रहा था कि कहीं कोई ट्रैफिक का कोई सिपाही नज़र न आ जाये। किसी तरह सब को लाद कर रॉबिन गांधी भवन पहुंचा। वहां पर पेंटिंग प्रतियोगिता को
विभिन्न आयु वर्गों में बाँट रखा था। समय
बहुत कम था। सभी को विषय बता कर पेंटिंग को एक घंटे में समाप्त करने को दिया गया।
नियत समय पर प्रतियोगिता समाप्त करने की घोषणा कर दी गयी। तीनो बच्चे बहुत खुश थे
और बड़ी बेटी तो पूरी आश्वस्त थी कि उसको तो कोई न कोई पुरुस्कार मिलेगा ही।
सायं
पांच बजे प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा होनी थी। सब को फिर से लाद कर रॉबिन
सायं पांच बजे गांधी भवन पहुंचा। वहां पर
विभिन्न आयु वर्गों के विजेताओ की लिस्ट बोर्ड पर चिपकी हुई थी। लिस्ट देखने पर बड़ी बेटी एवं बेटे को बहुत
निराशा हुई ,उनका नाम लिस्ट में दूर दूर तक नहीं था। अब तो बच्चों के साथ साथ रॉबिन का मूड भी बहुत खराब हो गया था। उसने
सोचा था कि यदि बच्चों को कुछ सफलता मिलेगी तो सेलिब्रेट करने हेतु हज़रतगंज में
सबको आइसक्रीम खिलायेगा। अब खाली हाथ वापस जा रहे थे, तभी
छोटी बेटी ने कहा की मेरी लिस्ट भी देख लो। इस पर दोनों बड़े बच्चों ने उसका मजाक
बनाया और कहा कि जब बड़े बड़े सूरमा भोपाली फेल हो चुके हैं तो उसकी क्या बिसात है ? छोटी
बेटी का मन रखने के लिए ,कर्मचारियों से छोटे बच्चों की लिस्ट का स्थान
पूछकर बड़े बेमन से उसे देखने गए। लिस्ट
देखकर तो सबकी आँखे फ़ैल गयीं , छोटी बेटी का नाम टॉप पर था।
छोटी बेटी का नाम टॉप पर था sabako icecream khilaayee gayee hee honee chaahiya
ReplyDelete