Sunday, July 19, 2015

आई एम् ए ब्रेक डांसर

आई एम् ए ब्रेक डांसर 

रोहित के पापा कई बार रोहित को शीशे के सामने अपनी भुजाओं को और उँगलियों को घुमाते हुए अपने पैरों को लय बद्ध ढंग से डांस करते हुए आजकल देख रहे थे .उनको लगता था की उनका बेटा पढाई लिखाई छोड़ कर डांस में मगन हो गया है लेकिन स्कूल की पैरेंट /टीचर मीटिंग में सदैव अच्छी रिपोर्ट मिलने के कारण वो बेटे को कुछ नहीं कहते थे.एक बार उन्होंने बेटे से पूछ ही लिया कि बेटे आजकल क्या नयी धुन सवार  हो गयी है? तो रोहित ने बताया कि ये ब्रेक डांस है.उसने पापा से पूछा कि क्या उन्होंने जावेद जाफरी को कभी डांस करते हुए देखा है ? पापा ने उत्तर दिया की हाँ देखा तो है उसको हड्डियों को तोड़ मरोड़ कर डांस करते हुए . रोहित ने बताया कि यही ब्रेक डांस है

एक दिन रोहित को उसके पापा ने बताया कि उसके कार्यालय में एक कल्चरल प्रोग्राम शीघ्र ही होने वाला है और सभी के परिवार के सदस्यों को भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है .निश्चित दिन /समय पर कार्यक्रम प्रारंभ हुआ . रोहित की छोटी बहन ने एक बहुत ही सुंदर इंग्लिश पोएम गाई ,अब बारी थी रोहित की ,उसने भी एक इंग्लिश सॉंग पर मून वाक एवं अन्य कई प्रकार के ब्रेक डांस प्रस्तुत किये .सभी को बहुत आनंद आया और विशेष कर वहां उपस्थित लड़कियों को .एक दो लड़कियां तो इतनी फैन हो गयी कि उन्होंने रोहित से उनको ब्रेक डांस सिखाने के लिए भी कहा परन्तु समय के आभाव में रोहित ने असमर्थता प्रकट कर दी .
उन्ही दिनों रोहित के दादाजी का मुज़फ्फरनगर से फोन आया की दशहरे पर वहां पर नुमाइश/मेला लगने वाला है और सबको मुज़फ्फरनगर आने को कहा .दशहरे की छुट्टियाँ भी पड़ रही थी अतः सब लोग मुज़फ्फरनगर पहुँच गए .दादा/दादी एवं परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर बहुत मजा आ रहा था. रोहित भी अपने हमउम्र कजिन्स से मिलकर बहुत खुश था .एक दिन परिवार के सभी सदस्य नुमाइश/मेला देखने पहुँच गए .वहां पहुँच कर तो मजा ही आ गया .तरह तरह की दुकाने /सामान/श्रगार सामग्री/सर्कस /विभिन्न प्रकार की मिठाईयां ,क्या नहीं था .वहां की चकाचौंध करने वाली प्रकाश व्यवस्था .देखते देखते ,चलते चलते एक पंडाल पर पहुंचे तो देखा वहां पर नृत्य प्रतियोगिता चल रही है ,सब लोग पंडाल के अंदर पहुँच कर सभी प्रतियोगियों द्वारा प्रस्तुत नृत्यों का आनंद उठाने लगे .अचानक से रोहित ने पापा से कहा कि वो भी इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहता है .पापा ने उसे बहुत समझाया कि बेटा इस प्रतियोगिता के लिए तो पहले टेस्ट दिया जाता है और सफल अभ्यर्थियों को ही इसमें भाग लेने के लिए चुना जाता है ,अब इस समय कौन तुम्हे भाग लेने देगा. रोहित के बार बार जिद करने पर उसके पापा ने आयोजकों से बात की और बताया कि यह बच्चा लखनऊ का ब्रेक डांस चैंपियन है और इसके भाग लेने से उनकी प्रतियोगिता में चार चाँद ही लगेंगे .बहुत समझाने पर एवं रोहित के डांस का थोडा सा नमूना देखने के पश्चात रोहित को उस नृत्य प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु अनुमति मिल गयी .अब प्रश्न था कि डांस के लिए कोसट्यूम का प्रबंध और गाने के चयन का .इसका भी हल रोहित ने ढून्ढ निकाला .पास ही में खड़े युवक जो काला चश्मा लगाये खड़ा था ,उस से उसका चश्मा लिया और बैकग्राउंड में जाकर म्यूजिक मास्टर से पूछा की क्या उसके पास ‘हबीबी’ गाने का कैस्सेट है ?यह गाना उन दिनों वर्ष १९८९-९० में बहुत प्रचलित था . म्यूजिक मास्टर के हाँ बोलने पर रोहित की बाछें खिल गयी .उसका आत्मविश्वास देखने योग्य था ,उसने अपने पापा से कहा कि अब तो डांस ट्राफी वही जीत कर जाएगा.
एक से बढ़ कर एक नृत्यों की प्रस्तुति चल रही थी और एक बहुत ही सुंदर शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति तो उसकी एक कजिन भावना ने भी दी थी . रोहित के पापा इतने सुंदर सुंदर नृत्य देख कर भाव विभोर हो रहे थे और यह भी सोच रहे थे कि कहीं उनका बेटा डींगे तो नहीं हांक रहा ?
सबसे अंत में रोहित का नाम पुकारा गया और रोहित ने अपने ब्रेक डांस की बहुत शानदार प्रस्तुति दी और जैसे ही नृत्य समाप्त हुआ सभी दर्शकों ने खड़े हो कर अभिवादन किया एवं देर तक तालियाँ बजती रही. उसके मम्मी पापा के आँखों में भी हर्ष के आंसू निकल आये.अब आया परिणाम घोषित करने का समय , रोहित को आशानुसार प्रथम पुरूस्कार एवं शील्ड प्रदान की गयी .
जैसे ही पंडाल से बाहर निकले रोहित को लोगों ने घेर लिया कोई उसके ऑटोग्राफ ले रहा था ,कोई चूम रहा था .इतने में एक पुलिस का कोंस्टेबल आया ,उसने रोहित को गोद में उठाया और बोला भय्या मजा आ गया ,आप तो जूनियर जावेद जाफरी हो ,फिर उसने एक पचास का नोट निकाला और बोला कि  भय्या इस पे अपने सिग्नेचर कर दो ,कल को तो आप बहुत बड़े कलाकार बनने वाले हो ,पता नहीं कि लिफ्ट मिले ना मिले.


अब आया असली क्लाइमेक्स ! दूसरे दिन शहर के सभी लोकल समाचारपत्रों में हेड लाइन्स थी “लखनऊ के ब्रेक डांसर ने शहर के ब्रेक डांसरों को धूल चटाई .“सायंकाल तक कई लोकल समाचारपत्रों के कई पत्रकार रोहित का इंटरव्यू ले रहे थे और रोहित उस शहर का ‘ब्रेक डांस आइडल’ बन गया था .